भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में स्थित हमारा पवित्र आश्रम, जहाँ आध्यात्मिक साधना और सेवा का कार्य निरंतर चलता रहता है
चित्रकूट, वह पावन भूमि जहाँ भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय व्यतीत किया। इसी पवित्र स्थल पर स्थित हमारा आश्रम आध्यात्मिकता और सेवा का केंद्र है।
यहाँ नियमित रूप से वेद पाठ, संस्कृत शिक्षा, और आध्यात्मिक प्रवचन होते रहते हैं। आश्रम में साधकों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्रातः और सायं आरती, भजन-कीर्तन
संस्कृत और वेद की निशुल्क शिक्षा
साधकों के लिए निःशुल्क आवास
चित्रकूट आश्रम की झलकियां
चित्रकूट आश्रम का सुंदर दृश्य
दैनिक साधना और सेवा कार्य
चित्रकूट आश्रम की अनमोल तस्वीरें