श्रीचित्रकूट तीर्थ का प्राचीन राजगुरु आश्रम — जहाँ वसिष्ठ जी ने निवास किया। श्रीवैष्णव परम्परा की ग्यारहवीं राजगुरु गद्दी से प्रेरणादायक प्रवचन, मधुर भजन, वेदविद्या और निःस्वार्थ सेवा।

आश्रम के YouTube चैनल पर प्रतिदिन प्रातः व सायं प्रवचन। कथा के दिनों में पूरा प्रसारण LIVE।
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आगामी कार्यक्रम, पर्व, कथा-सारिणी व घोषणाएँ — आश्रम कार्यालय ऐप से जो प्रकाशित करता है, वह यहाँ तुरंत दिखता है।
गीता पाठ और आध्यात्मिक प्रवचन — सभी भक्तों का स्वागत
YouTube चैनल पर — ऐप में सूचना चालू रखें
भक्तों व साधकों को भोजन — सेवा-तिथि के लिए ऐप में नाम दर्ज कराएँ
आश्रम स्वच्छता और भोजन वितरण — सेवा में जुड़ें
6 सप्ताह का पाठ्यक्रम — पंजीकरण के लिए कार्यालय से संपर्क करें
स्वास्थ्य और कल्याण हेतु — सहभागिता आमंत्रित


आचार्य आश्रम, श्रीचित्रकूट तीर्थ के प्राचीन तथा सर्वश्रेष्ठ आश्रमों में से एक है। जनश्रुति के अनुसार यह वही स्थान है जहाँ श्रीचित्रकूट आगमन पर वसिष्ठ जी ने निवास किया था। वसिष्ठ जी राजगुरु थे, अतः यह स्थान राजगुरु आश्रम कहा जाने लगा।
कालान्तर में जयपुर-नरेश सवाई मानसिंह के गुरु पधोरे जी महाराज ने यहाँ तपस्या की। उनके लिए राजा मानसिंह ने गौशाला तथा आश्रम का निर्माण करवाया और जयपुर राज्य की ओर से आश्रम-संचालन हेतु वार्षिक धनराशि की व्यवस्था की। इस आश्रम से अनेक राजा-महाराजा एवं राजपरिवार दीक्षित होते रहे हैं, इसलिए यह राजगुरु आचार्य आश्रम के नाम से जाना जाता है।
यह आश्रम श्रीवैष्णव सम्प्रदाय की दक्षिण-भारतीय उत्तर-अहोबिल गद्दी से सम्बद्ध है। यहाँ ब्राह्मण कुल में जन्मे बालब्रह्मचारी, वेदान्तज्ञ और आचरण-पवित्र विरक्त सन्त को कठिन परीक्षा के उपरान्त उत्तराधिकार सौंपा जाता है। श्रीस्वामी जी इस राजगुरु गद्दी पर अभिषिक्त ग्यारहवें राजगुरु हैं — जो प्राणिमात्र को राममय मानकर उनकी निःस्वार्थ सेवा को भगवान की सबसे बड़ी पूजा मानते हैं।
सनातन धर्म के मूल सिद्धांत और आधुनिक जीवन में उनका प्रयोग
भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम के माध्यम से मोक्ष का मार्ग
मन की शांति और आत्म-साक्षात्कार के लिए नियमित अभ्यास
निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से मानवता की भलाई और आध्यात्मिक विकास
वेद, उपनिषद और गीता के ज्ञान का अध्ययन और जीवन में प्रयोग
श्री श्री 1008 श्री राजगुरु स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज — हमारे प्रेरणास्रोत और आध्यात्मिक मार्गदर्शक









प्राचीन काल से अब तक की महान गुरु परम्परा — जो युगों से ज्ञान की ज्योति जलाती आई है और हमारे आध्यात्मिक मार्ग को प्रकाशित करती है












॥ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥
चार पवित्र स्थानों पर — जहाँ आध्यात्मिक साधना और सेवा का कार्य निरंतर चलता रहता है

परम्परा आचार्य आश्रम, नयागांव — भगवान राम की वनवास भूमि। दैनिक सत्संग, प्रवचन, अन्नक्षेत्र व गौशाला।
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पवित्र गंगा के तट पर — गंगा आरती, ध्यान और योग केंद्र।
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भगवान कृष्ण की लीला-भूमि में — भक्ति संगीत और कृष्ण भजन का विशेष आयोजन।
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नवीन आश्रम — निर्माण में सहयोग कर पुण्य के भागी बनें।
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प्राचीन गुरुकुल परम्परा के अनुसार वेदविद्या और संस्कृत शिक्षा — पूर्णतः निशुल्क आवासीय
श्रीस्वामी जी द्वारा प्राचीन गुरुकुल परम्परा के अनुसार वेदविद्या तथा शास्त्र-परम्परा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार हेतु निशुल्क आवासीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना आचार्य आश्रम में की गई, जहाँ अनेक ब्राह्मण वटुक अध्ययन कर जीवन का पथ प्रशस्त कर रहे हैं।






आश्रम में भक्तों के लिए उपलब्ध आध्यात्मिक सेवाएँ — और सेवा में जुड़ने के अवसर
प्रातः-संध्या आरती · मंत्र जप व हवन · सत्संग-प्रवचन · सामूहिक ध्यान · भजन-कीर्तन
संकल्प व आशीर्वाद · विशेष पूजा-हवन · प्रसाद भंडारा · दीपदान सेवा
अतिथि गृह · आध्यात्मिक रिट्रीट · सात्विक भोजन — ऐप से बुकिंग अनुरोध
अन्नक्षेत्र · गो-सेवा · रसोई-लंगर · शिक्षा सेवा — ऐप में सेवा-तिथि व स्मरण
केवल आश्रम के YouTube चैनल से — स्थान, तिथि या शब्द से खोजें (जैसे: वृन्दावन · अक्टूबर 2025 · दिवस 3)
दिखाए गए / कुल:
गुरुजी का विशेष प्रवचन
आश्रम के प्राचीन क्षण
भक्तों के साथ संवाद
ये वीडियो आश्रम के दुर्लभ संग्रह से हैं — कृपया इन्हें कहीं और साझा या डाउनलोड न करें।
प्रेरणादायक कहानियाँ जो जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश लाती हैं
खाली घड़ा पानी पर तैरता है; भरते ही गहराई में उतर जाता है। जब तक मन में अहंकार है, आत्मा सतह पर भटकती है…
छोटा बीज पेड़ से पूछता है — क्या मैं कभी आपकी तरह बड़ा हो पाऊँगा? पेड़ मुस्कराया: तुम्हारे भीतर पूरा वन छिपा है…
पाँच वर्ष के बालक ध्रुव की अटल तपस्या — जिसने उन्हें ध्रुव तारे के रूप में अमर कर दिया…
आश्रम के क्षण, पर्व, विशिष्ट अतिथि और यात्राएँ
















सतत विकास लक्ष्यों पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पूज्य स्वामी जी महाराज का दिव्य दर्शन और आशीर्वाद — विश्व भर के विद्वान और नेता एकत्रित हुए। “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।”
शीघ्र ही Google Play व App Store पर आ रहा है — Android व iPhone · हिन्दी / English। LIVE कथा, सूचनाएँ, कथा-सारिणी, अन्नक्षेत्र सेवा, बुकिंग व दान — सब एक ऐप में। जो आश्रम कार्यालय ऐप से प्रकाशित करता है, वही यहाँ वेबसाइट पर भी तुरंत दिखता है।


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